सुख़निस्तान फ़ाउंडेशन का मुशायरा: अदब और शायरी से सजी यादगार शाम

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सुख़निस्तान फ़ाउंडेशन का मुशायरा: अदब और शायरी से सजी यादगार शाम

बरेली। शहर में अदबी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुख़निस्तान फ़ाउंडेशन की ओर से ख़ुशलोक ऑडिटोरियम में भव्य मुशायरे का आयोजन किया गया। “रंगे सुख़न” नाम से आयोजित इस मुशायरे में शायरी और अदब से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह साहित्यिक रंग में रंगा नजर आया।

कार्यक्रम का संचालन जाने-माने शायर अज़हान वारसी ने किया, जबकि मुशायरे की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर नदीम शम्सी ने की। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे अदबी आयोजन भाषा, संवेदना और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का काम करते हैं।

मुशायरे में शिरकत करने वाले शायरों में रिज़वान फ़रीदी, फ़हीम दानिश, डॉ. ब्रिज भूषण, सलमान आरिफ़ बरेली, मुशारिफ़ हुसैन, साजिद सफ़दर, सुल्तान जहाँ, सय्यद फ़रहान और शकील सेथली शामिल रहे। सभी शायरों ने अपनी ग़ज़लों और नज़्मों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और जमकर दाद हासिल की।

इस अवसर पर सुख़निस्तान फ़ाउंडेशन के बानी मोहसिन ख़ान भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने पैग़ाम में कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य शायरी और अदब को आम लोगों तक पहुँचाना है तथा नई पीढ़ी को इस समृद्ध परंपरा से जोड़ना है।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों में जगदीश सिंह पाठनी, अनीस बेग़, सय्यद हैदर, वसीम अख़्तर, हूरिया रेहमान, राफ़िया शबनम और लवी प्रभु शामिल रहे। सभी अतिथियों ने अपने विचार रखते हुए ऐसे अदबी आयोजनों को समाज के लिए आवश्यक बताया और सुख़निस्तान फ़ाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।
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